बांग्लादेश की सियासत ने 13वें संसदीय चुनाव में ऐसा मोड़ लिया है, जिसकी गूंज ढाका से लेकर वॉशिंगटन तक सुनाई दे रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी BNP के चेयरपर्सन तारिक़ रहमान ने ऐतिहासिक जीत का दावा किया है। पूर्व प्रधानमंत्री और BNP की लंबे समय तक चेयरपर्सन रहीं बेगम खालिदा ज़िया के निधन के कुछ समय बाद, 9 जनवरी को तारिक़ रहमान ने औपचारिक रूप से पार्टी की कमान संभाली थी और अब वही कमान उन्हें सत्ता के दरवाज़े तक ले आई है। 12 फरवरी को हुए ये चुनाव 2024 के बड़े आंदोलन के बाद पहली बार कराए गए। इसलिए इसे सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक ‘रीसेट बटन’ माना जा रहा है। यह पूरा मतदान अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की निगरानी में संपन्न हुआ। जनता के सामने दो सवाल थे पहला, नई संसद किसके हाथ में जाएगी? और दूसरा, संविधान में प्रस्तावित बदलावों, जिन्हें ‘जुलाई चार्टर’ कहा जा रहा है, उन पर उनकी क्या राय है? तारिक़ रहमान ने दो सीटों ढाका-17 और बोगुरा-6 से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत दर्ज की। दूसरी ओर, अवामी लीग को चुनावी मैदान में उतरने की अनुमति ही नहीं मिली। देश से बाहर मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस पूरे चुनाव को ‘सिर्फ दिखावा’ करार दिया। इस चुनाव का एक और बड़ा झटका पड़ा जातीय पार्टी को, जो कभी अवामी लीग की पुरानी सहयोगी रही है। 196 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बावजूद पार्टी एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। यह उसके राजनीतिक इतिहास की सबसे करारी और शर्मनाक हारों में गिनी जा रही है। सबसे बड़ा आघात रंगपुर डिवीज़न में लगा वही इलाका जिसे वर्षों से उसका गढ़ माना जाता था। लेकिन इस बार वहां भी ज़मीन खिसक गई। पार्टी चेयरमैन जीएम कादर रंगपुर-3 सीट से 37,933 वोट पाकर हार गए। इस सीट पर जमात समर्थित उम्मीदवार एमडी महबूबुर रहमान बेलाल ने 1,57,403 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि BNP के शमसुज्जमां सामू 74,171 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दिलचस्प बात यह रही कि जीएम कादर खुद गुरुवार को मतदान करने भी नहीं पहुंचे यह जानकारी देश रूपंतोर की रिपोर्ट में सामने आई। उधर BNP ने ढाका, बारिसल और तंगेल जैसे बड़े जिलों में मजबूत प्रदर्शन किया। तंगेल की आठ में से सात सीटें उसके खाते में गईं और ढाका के सभी पांच जिलों में भी पार्टी ने जीत दर्ज की। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज रही। भारत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तारिक रहमान को उनकी पार्टी की ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी। वहीं, बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में जीत की बधाई देने वाला पहला देश अमेरिका बना। ढाका स्थित अमेरिकी राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बांग्लादेश के लोगों को सफल चुनाव के लिए और BNP व तारिक रहमान को उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए शुभकामनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका दोनों देशों की समृद्धि और सुरक्षा के साझा लक्ष्यों के लिए साथ काम करने को तत्पर है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि कौन जीता और कौन हारा। असली सवाल यह है कि यह जनादेश बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा को किस ओर मोड़ेगा और 2024 के आंदोलन के बाद उठी उम्मीदों को कितनी राहत या कितनी नई परीक्षा देगा।