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Breaking News 4 March 2026

1 ) Oscars 2026 में इस फिल्म ने सबको पीछे छोड़ दिया

इस साल अगर किसी एक फिल्म का नाम ऑस्कर में सबसे ज़्यादा गूंज रहा है, तो वह है Sinners। Ryan Coogler की इस फिल्म ने ऑस्कर की पूरी गणित ही बदल दी। कुल 16 नॉमिनेशन के साथ Sinners अब ऑस्कर इतिहास की सबसे ज़्यादा नॉमिनेशन पाने वाली फिल्म बन चुकी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड Titanic, La La Land और All About Eve के पास था, जिनके खाते में 14-14 नॉमिनेशन थे। लेकिन 2026 में Sinners ने उस रिकॉर्ड को ऐसे तोड़ा जैसे कोई बल्लेबाज़ टेस्ट मैच में पुराना स्कोरबोर्ड गिरा दे। और दिलचस्प बात यह है कि Sinners सिर्फ नॉमिनेशन की संख्या में ही आगे नहीं है, बल्कि लगभग हर बड़ी कैटेगरी में उसकी मौजूदगी है। Best Picture, Best Director Ryan Coogler, Best Actor Michael B. Jordan, Best Supporting Actor Delroy Lindo, Best Supporting Actress Wunmi Mosaku यानी एक्टिंग से लेकर टेक्निकल तक, हर जगह Sinners का नाम दर्ज है। इसके अलावा Cinematography, Production Design, Costume Design, Film Editing, Makeup & Hairstyling, Sound, Original Score और Visual Effects जैसी कई टेक्निकल कैटेगरी में भी फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत कर रखी है। एक और दिलचस्प बात यह फिल्म हॉरर टोन के साथ आती है, और ऑस्कर के इतिहास में हॉरर फिल्मों को इतनी बड़ी पहचान बहुत कम मिली है। यानी इस साल ऑस्कर में सिर्फ रिकॉर्ड नहीं टूटा, बल्कि जॉनर की दीवार भी थोड़ी ढहती दिखाई दी। लेकिन ऑस्कर सिर्फ Sinners तक सीमित नहीं है। इस साल की एक और फिल्म है जिसने आलोचकों और दर्शकों दोनों को चौंकाया Hamnet। यह फिल्म William Shakespeare के बेटे Hamnet की कहानी पर आधारित है, और इसे निर्देशित किया है Chloé Zhao ने, जो पहले भी ऑस्कर जीत चुकी हैं। Hamnet को Best Picture, Best Director, Best Actress Jessie Buckley और Best Adapted Screenplay जैसी बड़ी कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है। सिनेमा के जानकारों के मुताबिक Hamnet इस साल के ऑस्कर में साहित्यिक सिनेमा की सबसे मजबूत आवाज़ बनकर उभरी है। यह फिल्म याद दिलाती है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास, साहित्य और इंसानी भावनाओं का दस्तावेज भी हो सकता है। अगर Best Picture की रेस पर नजर डालें तो मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस साल इस कैटेगरी में कुल 10 फिल्में हैं Sinners, Hamnet, One Battle After Another, Sentimental Value, Marty Supreme, Bugonia, Frankenstein, F1, The Secret Agent और Train Dreams। इनमें से कई फिल्में अलग-अलग सिनेमा परंपराओं से आती हैं। यानी हॉलीवुड का मंच इस बार सचमुच ग्लोबल दिखाई देता है। अगर 2026 के ऑस्कर को एक लाइन में समझना हो, तो यह ऐसा साल है जहाँ रिकॉर्ड टूटे, जॉनर की सीमाएँ टूटीं और दुनिया भर के सिनेमा ने हॉलीवुड के मंच को और बड़ा बना दिया।

 

2 ) नीतीश जाएंगे राज्यसभा, बिहार का अगला CM कौन?

बिहार की राजनीति में एक ऐसा मोड़ आ गया है, जिसने लगभग दो दशकों से चले आ रहे एक युग पर विराम लगाने का संकेत दे दिया है। Nitish Kumar ने खुद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर साफ कर दिया कि अब वे राज्यसभा जाना चाहते हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय तक बिहार की सेवा करने का मौका मिला, जनता का भरोसा मिला, और अब उनकी इच्छा है कि वे संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य बनें। उन्होंने यह भी लिखा कि जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। इस एक पोस्ट ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी, क्योंकि इसका सीधा मतलब है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने की तैयारी कर चुके हैं और सत्ता की बागडोर किसी नए चेहरे को सौंपने का समय आ गया है। करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति का केंद्र रहे नीतीश कुमार का यह फैसला सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं एक तो यह कि इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद वे अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। राज्यसभा जाने से उन्हें दिल्ली की राजनीति में अधिक प्रभावी तरीके से काम करने का अवसर मिलेगा। दूसरी तरफ इसे सत्ता के ट्रांज़िशन यानी बदलाव की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि अब संभावना यह जताई जा रही है कि बिहार में गठबंधन की राजनीति के तहत किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं। सबसे आगे नाम लिए जा रहे हैं सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के, जो पहले से ही राज्य की सत्ता में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। अगर इनमें से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत होगी। नीतीश कुमार के इस फैसले का असर सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की पूरी राजनीतिक दिशा बदल सकता है। लगभग बीस साल तक राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले नेता का इस तरह से दिल्ली की ओर रुख करना कई संकेत देता है एक तरफ अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करने की कोशिश, तो दूसरी तरफ राज्य में नए नेतृत्व को जगह देने की रणनीति। यानी बिहार की राजनीति अब उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ एक युग विदा ले रहा है और एक नया अध्याय शुरू होने की तैयारी कर रहा है।